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Warm welcome to the world of purity and health at JHARKHAND AUSHADHALAYA

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Jharkhand Aushadhalaya

24 वर्ष पुराना झारखण्ड औषधालय एक ऐसा केंद्र है जो शुद्ध जड़ी-बूटी की दुनिया में पूरे भारत में दुसरा स्थान रखता है। जो लोग आज स्वास्थ्य के प्रति जागरुक है और जो लोग दवाईयो के साइद इफेक्ट से अवगत है वैसे लोगों के लिए झारखण्ड औषधालय एक वरदान से कम नहीं जहाँ पर बिना चीर फाड़ के सफल इलाज़ किया जाता है। झारखंड औषधालय एक भरोसेमंद और कारगर आयुर्वेदिक समाधान है जो लोगों को रोग मुक्त और स्वस्थ जीवन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

झारखंड औषधालय शरीर के बाक़ी अन्गो के साथ-साथ मुख्यता दिलimages, गुर्दाimages और गॉलब्लेडरimages को पूरी तरह से रोग मुक्त करने में महारत हासिल कर चुका है।

वर्षों में झारखण्ड औषधालय कि पुरी रिसर्च टीम ने ऐसी दुलर्भ जड़ी-बुटीयों से दवाईयाँ। बनाई है। जिसके इस्तेमाल के बाद हमारे पूरे शरीर में एक ऐसा चमत्कारिक प्रभाव डालता है कि खराब हुए अंगो को तो अच्छा करता ही है साथ में हमारे स्वस्थ शरीर को भी भविष्य में बिमार होने से बचाता है। गठिया, साईटिका, युरिक एसिड, अर्थराईटिस, सुजन, अकड़न, जलन, एड़ी दर्द, घुटना दर्द, पीठ दर्द, कमर दर्द, कंधों में दर्द, सुनापन, हाथ पैर कि अंगुली टेढ़ा हो जाना, उठने-बैठने में असमर्थ, हड्डी-नस में झिनझिनी, नस दब जाना, हड्डी घिसना या बढ़ना, कार्टीलेज मज्जा कि कमी, हाथ-पैर-गर्दन में कम्पन एवं दर्द, पार्किन्शन, पुराना लकवा, बी–पी का बढ़ जाना, थाईरायड, शुगर के कारण जोड़ो में दर्द, कमर या पीठ का नस दब जाने के कारण असहनीय दर्द, सर्वाइकल दर्द, स्पाईनल दर्द का आयुर्वेद इलाज़। सभी प्रकार की दवा खाकर थक चुके मरीज भी सम्पर्क करें।

Ayurveda

आयुर्वेद जीवन का एक विज्ञान है जिसमें स्वास्थ्य और व्यक्तिगत चिकित्सा के लिए समग्र दृष्टिकोण है। यह सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणालियों में से एक है, जिसमें हजारों चिकित्सा अवधारणाएँ और परिकल्पना शामिल हैं। दिलचस्प है, आयुर्वेद में कैंसर, मधुमेह, गठिया और अस्थमा जैसी कई पुरानी बीमारियों का इलाज़ करने की क्षमता है, जो आधुनिक चिकित्सा में अनुपयोगी हैं।
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Accreditation & Certification

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हिंदुस्तान पेपर में प्रकाशित किया गया कुछ मरीजों की कहानियाँ! जिनका झारखंड औषधालय के द्वारा सफल इलाज़ किया गया था!

आप भी इसे जरूर पढ़ें।

हमने झारखंड औषधालय में विश्वास किया हृदय रोग से मुक्ति पायाः गोकुल चंद जयसवाल

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लोहरदगा स्थित झारखंड औषधालय ने मेरे जीवन में खुशियों का वह पल दिया, जिसकी कल्पना न तो हमने किया था, न ही मेरे परिजनों ने। यह कहना है बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया निवासी गोकुल चंद जायसवालका। वह लगभग दो वर्ष पहले हृदय रोग से ग्रसित थे। श्री जायसवाल ने बताया कि अचानक उनके हृदय में दर्द हुआ। लोगों ने कहा कि ब्लड प्रेशर की वजह से यह दर्द हुआ है, पर दर्द बढ़ता गया ।राहत के लिए कैमूर में प्राथमिक उपचार कराया। डॉक्टरों ने हमें वाराणसी में इलाज़ के लिए भेज दिया। प्राथमिक उपचार के दौरान ही वाराणसी के डॉक्टरों ने कहा कि आप की हालत काफी बिगड़ चुकी है। जीवन बचाने के लिए शीघ्र ऑपरेशन करना जरूरी है। इस पर हम और हमारे परिवार के लोग भयभीत हो गए।मानो पैरों तले जमीन खिसक गई हो।आर्थिक रूप से हम उतने संपन्न नहीं थे, कि तत्काल पैसे की व्यवस्था कर सके। ऑपरेशन के लिए हम लोगों ने डॉक्टर से विनती की कि कुछ तत्काल राहत जो इनके दर्द को कम कर सके ऐसी दवा दें। हम सभी पैसे की जुगाड़ में लग गए। मोहनिया लौटे तो पैसे की जुगाड़ क्या करेंगे, उनकी परेशानी में ही फंसे रह गए। पड़ोस के एक परिवार ने हिंदुस्तान अखबार में झारखंड के लोहरदगा शहर में स्थित झारखंड औषधालय के बारे में छपे मैटर को दिखाया। जिसमें लिखा था, कि बिना ऑपरेशन केही हृदय रोगियों का इलाज़ स्थाई रूप से शत-प्रतिशत ठीक हो जाता है। यह खबर मानो हमारे परिवार के लिए उर्जा संचार करने वाला साबित हुआ। हम लोगों ने बिना देर किए लोहरदगा झारखंड औषधालय पहुंचे। यहां के डायरेक्टर और अन्य हकीम-वैध से विमर्श किया। उन्होंने जो आत्मीय भाव से हम लोगों को विश्वास दिलाया, कि आप चिंता न करें आप पूरी तरह से दुरुस्त किया जाएगा। हृदय रोग जड़ से खत्म हो जाएगा। वह भी प्रकृति रूप से जड़ी-बूटियों से बनी दवाइयों के माध्यम से। सचमुच यह हुआ भी। आज हम बिल्कुल चंगे हो गए हैं। दवा बंद हो गई है कोई परहेज नहीं है। कोई दिक्कत नहीं है। आप विश्वास कीजिए हम आपको बता रहे हैं, कि पिछले कई महीनों से हम पैदल भी चल रहे हैं।झोला लेकर सब्जी भी लाते हैं। सारे काम भी कर रहे हैं। चाहे वह भारी काम ही क्यों न। परेशानियों से झारखंड औषधालय ने हमको निजात दिलाया है। हम यहाँ के डायरेक्टर, हकीम और पूरी टीम के प्रति आभारी हैं। देश के आम आवाम से गुजारिश करते हैं, कि एक बार ऑपरेशन से बचें, और यहां अपना इलाज़ करा कर हमारे जैसा चंगा और दुरुस्त बन जाइए। भाइयों भरोसा न तो हमारे फोन नम्बर 9973045545 पर हमसे बात कर हकीकत से रु-ब-रुहो सकते है।हमने विश्वास किया आप भी कर, कर देखो।'

गॉल ब्लाडर की पथरी का सफल इलाज़ बगैर किसी ऑपरेशन के

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मेरा नाम सिवनती कुमारी है. मैं रांची में रहती हूं और मेरा अपना घर धरकोरी, जगाटोली, गुमला है, पति का नाम विनय मिंज है. मेरी उम्र 30 वर्षे है.एक दिन अचानक मेरे पेट में दर्द उठा और बढ़ता ही चला गया. जब दर्द कंट्रोल नहीं हुआ तब मेरे घरवाले रांची स्थित एक नजदीक के हॉस्पिटल में ले गये. दर्द का इंजेक्शन से दर्द कंट्रोल हो गया.अल्ट्रासाउंड कराने से पता चला कि गॉल ब्लाडर में 6एम.एम.के कई पत्थर हैं. डाक्टर ने ऑरेशन की सलाह दी. मेरे पति को ऑरेशन से होने वाली परेशानी का पता था. क्योकिं जब गॉलब्लाडर की पथरी का ऑरेशन होगा तो पथरी के साथ पूरा गॉलब्लाडर को भी निकाल दिया जायेगा. जिसका गॉलब्लाडर निकल गया है, उसको तरह-तरह की परेशानी होती रहती है.यही सब बातों को लेकर मेरे पति शहर के कई नामी गिरामी डाक्टरों से संपर्क किया. सभी का यही कहना था कि पथरी का बगैर ऑपरेशन के कोई इलाज़ नहीं. लेकिन ढूंटने से क्या नहीं मिलता, एक दिन मेरे दोस्त ने एक पेपर लाकर दिया. जिसमें झारखंड औषधालय एंड रिसर्च सेंटर के पता के साथ लिखा हुआ था कि यहां गॉलब्लाडर की पथरी छोटी हो या बड़ी बगैर किसी ऑपरेशन के पूरा-पूरा निकल जाता है. मेरे पति झारखंड औषधालय एंड रिसर्च सेंटर मुझे लेकर पहुंच गये. मैं यहां से दवा लेकर जो कि खाली जड़ी-बूटी की बनी हुई थी.घर आकर दवा का सेवन शुरू की.दवा खाते ही मेरी उल्टी बंद हो गयी, गैस बनना खत्म हो गया और दर्द वगैरह बिल्कुल खत्म था. फिर इसी तरह हमने पूरा कोर्स कर लिया और जब अल्ट्रासाउंड कराया तो पत्थर बिल्कुल खत्म था.पीत की थैली में जरा सा भी पत्थर नहीं बच गया था.मैं और मेरा परिवार झारखण्ड औषधालय के लिए दिल से बहुत-बहुत बधाई देते हैं.

हर तरह के बवासीर का पूर्ण ईलाज हुआ संभव

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खूनी, बादी, भगंदर और नासूर, नया और पूराना से पूराना बवासीर का ईलाज बगैर किसी चिर-फाड़ से संभव हो गया है। बवासीर होने के मुख्य कारण : (1) कब्ज होने के वजह से (2) पेट की गर्मी से, ज्यादा मसालेदार भोजन करने से और (3) अधिक समय तक शौचालय में शौच करने से। मेरा नाम इमतियाज अहमद अंसारी है। मेरी उम्र 56 वर्ष है। वैसे मैं बहुत तंदरुस्त था मगर एक दिन मेरे पेट में गर्मी का एहसास हुआ और कुछ कब्ज हुआ और जब शौच करने गया तो खून देखकर मैं घबरा गया। मैंने कई जगह से ईलाज करवाया मगर पूर्ण तरह से फायदा नहीं हुआ। कुछ दिनों के बाद मेरी बिमारी बढ़ने लगी।ज्यो-ज्यो दवा कराता गया मर्ज बढ़ता गया। पहले तो सिर्फ खून ही जाता था और कमजोरी लगती थी। लेकिन बाद में ऐसा हो गया कि दर्द काफी बढ़ गया और शौच के रास्ते में सूजन हो गया। दर्द और सूजन के कारण पेशाब बंद हो गया। पाईप लगाना पड़ गया। रांची में बवासीर का ऑपरेशन हुआ। कुछ दिनों तक राहत मिली पर मवाद जाना बन्द नहीं हुआ और दर्द भी बढ़ने लगा। अब तो मेरे घर वाले वेल्लोर ले जाने की तैयारी करने लगे। तभी मुझे पता चला कि झारखण्ड औषधालय एवं रिसर्च सेंटर, लोहरदगा में किसी भी तरह का बवासीर का ईलाज होता है और मवाद जाना भी बन्द हो जाता है और कैंसर होने का डर भी खत्म हो जाता है। बगैर किसी देर किये मैं यहां आया और ईलाज करवाया। अब मेरी बिमारी बिलकुल खत्म हो चुकी है। काश मुझे यहां के बारे में पहले पता चल गया होता तो मैं ऑपरेशन करवाने से बच जाता। जबकि मुझे मालूम था कि बवासीर का ऑपरेशन कामयाब नहीं होता है।

झारखण्ड औषधालय ने मेरी जान बचाई

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मेरा नाम शफकत अली है। मैं ग्राम-कमता, पो. कुच्चु, थाना-ओरमांझी, जिला-रांची, झारखंड का रहने वाला हूँ तथा मेरा मोबाइल सं. 06206541495 है। मेरी उम्र 48 वर्ष है। मैं सामान्य जिंदगी जी रहा था। अचानक एक दिन मेरी किडनी के पास दर्द उठा फिर मैं डॉक्टर से मिला । डॉक्टर ने किडनी में खराबी बताई जिसका मुझे यकीन नहीं हुआ और मैं वेल्लोर जांच के लिए चला गया। वहाँ के डॉक्टर ने मुझे किडनी के खराबी के वजह से जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लांट का सुझा दिया। चूंकि ट्रांसप्लांट का खर्च बहुत ज्यादा था मैं पैसे देने को असमर्थ था। मैं डॉक्टर से वक्त लेकर घर वापस चला आया। मेरी तबीयत अब और बिगड़ने लगी थी, कमजोरी और उल्टियों से परेशान हो गया था, चारपाई से उठना मेरे लिए दूभर हो गया, मुझमें अब जीने की आशा नही रही थी, गाँव और घरवालों के सुझाओं के बाद मुझे डॉक्टर के पास वेल्लोर फिर जाना पड़ा। डॉक्टर ने किसी और तरह से इलाज़ को मना कर दिया और जल्द से जल्द पैसा जमा करने को कहा। फिर गाँव वालों ने चंदा इकटठा करने का काम शुरू कर दिया। इसी क्रम में मैं मैंने अखबार में झारखण्ड औषधालय का विज्ञापन देखा और वहाँ जा कर हमीम जी से मिला। उन्होंने हमारा इलाज़ आयुर्वेदिक औषधि के द्वारा किया जिससे कुछ ही दिन में मुझे इसका असर होता महसूस हुआ और मैं धीरे-धीरे स्वस्थ हो गया। आज मैं बिल्कुल तंदरूस्त हूँ और मेराजीवन पुनः सामान्य चल रहा है। किसी तरह की काई परेशानी नहीं है।

झारखण्ड औषधालय ने मेरी जान बचाई

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मेरी मां तारा देवी हृदय (heart)की मरीज थी उनके पूरे शरीर में सूजन आ चुकी थी तथा उन्होंने जीने की आस छोड़ दी थि! रांची से वेल्लोर तक इलाज़ कराया। कोई लाभ ना दिखा फिर किसी दोस्त के द्वारा मुझे झारखंड औषधालय के बारे में पता चला और यकीन मानिए यहां सिर्फ 4 महीने का कोर्स के बाद मेरी मां आज पूरी तरह स्वस्थ है एवं झारखंड औषधालय को बहुत-बहुत आभार प्रकट करती हैं।

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मधुमेह नियंत्रण​

झारखंड आयुधालय और अनुसंधान केंद्र मधुमेह के उपचार के लिए सबसे अच्छा क्लिनिक है। दवाएँ बिना किसी दुष्प्रभाव के पूरी तरह से प्राकृतिक हैं और मधुमेह को नियंत्रित करने में 100 प्रतिशत प्रभावी हैं।

गुर्दे का उपचार

झारखंड आयुधालय और अनुसंधान केंद्र सीरम क्रिएटिनिन और रक्त यूरिया के मूल्यों को कम करके और शुद्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की मदद से गुर्दे की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाकर गुर्दे की समस्याओं का सबसे अच्छा उपचार प्रदान करता है।

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दिल का इलाज़

झारखंड आयुधालय और अनुसंधान केंद्र आपकी स्वास्थ्य स्थिति को समझता है और अशुद्धियों और रुकावटों को दूर करने में आपकी मदद करता है और चयापचय और पाचन में सुधार करता है।

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तुलसी परिवार लामियासी (जनजाति महासागर) में एक सुगंधित झाड़ी है, जिसे उत्तर मध्य भारत में उत्पन्न माना जाता है और अब यह पूर्वी दुनिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बढ़ता है। आयुर्वेद के भीतर, तुलसी को "द इनकम्परेबल वन," "मदर मेडिसिन ऑफ़ नेचर" और "द क्वीन ऑफ़ हर्ब्स" के रूप में जाना जाता है, जिसे "जीवन के अमृत" के रूप में माना जाता है, जो इसके औषधीय और आध्यात्मिक गुणों दोनों के लिए समान है। भारत के भीतर, तुलसी को आध्यात्मिक अनुष्ठानों और जीवन शैली प्रथाओं में अपनाया गया है जो स्वास्थ्य लाभ का एक विशाल सरणी प्रदान करते हैं जो आधुनिक विज्ञान द्वारा पुष्टि की जाने लगी हैं। तुलसी पर यह उभरता हुआ विज्ञान, जो प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान को पुष्ट करता है, बताता है कि तुलसी शरीर, मन और आत्मा के लिए एक टॉनिक है जो कई आधुनिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान प्रदान करता है।

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एलोवेरा के घाव भरने और निवारक प्रभाव कई अध्ययनों में बताए गए हैं। अल्सर को रोकने और त्वचीय चोटों (जैसे, जलन, शीतदंश, त्वचा संक्रमण, सर्जिकल घाव, सूजन, दाद अल्सर) की हीलिंग प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए एलोवेरा का सामयिक अनुप्रयोग। मधुमेह के पैर के अल्सर, दबाव के घाव और पुराने घाव) की सूचना दी गई है। एलोवेरा घावों की ड्रेसिंग के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। अधिकांश अध्ययन जले हुए घावों पर किए गए थे। एलोवेरा को जलन के लिए पारंपरिक चिकित्सा माना जाता है। पांच अध्ययनों ने जले हुए घाव की जांच की। इन अध्ययनों में, एलोवेरा पेट्रोलियम जेली गौज़ ड्रेसिंग की तुलना में अधिक प्रभावी था|
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Honey

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शहद प्राचीन काल से मानव जाति के लिए शुरू किए गए सबसे सराहनीय और मूल्यवान प्राकृतिक उत्पादों में से एक है। शहद का उपयोग न केवल एक पोषण उत्पाद के रूप में, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा में वर्णित स्वास्थ्य और घाव भरने से लेकर कैंसर उपचार तक की नैदानिक ​​स्थितियों के वैकल्पिक उपचार के रूप में भी किया जाता है। शहद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे पुराना घाव भरने वाला एजेंट है जब कुछ आधुनिक रसायन इस सम्बंध में विफल रहे हैं। प्रायोगिक अनुसंधान ने घाव भरने में इसके उपयोग का समर्थन करने वाले अधिक दस्तावेजों का वर्णन किया क्योंकि जीवाणुरोधी, एंटीवायरल, विरोधी भड़काऊ और एंटीऑक्सिडेंट गतिविधियों सहित इसकी जैवसक्रियता के कारण।